दूतावासों में नौकरी के विकल्प

आज दुनिया के तमाम
देश आपस में न केवल व्यापारिक, बल्कि सामरिक व सांस्कृतिक उपादानों का
भी आदान-प्रदान करने लगे हैं। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के
लिए ऐसे देश, जिनकी आपस में संधि या मेल-मिलाप होता है, एक-दूसरे के यहां
अपने दूतावास या उच्चायोग स्थापित कर लेते हैं। यह दूतावास ही दोनों
देशों के बीच आपसी बातचीत का माध्यम बनते हैं- जैसे भारत की राजधानी
दिल्ली में कई देशों के दूतावास हैं। इसी तरह उन देशों में भी भारत के
दूतावास कार्य कर रहे हैं ।
आपसी साझेदारी की प्रवृत्ति को बल
प्रदान करने वाले ये दूतावास रोजगार की दृष्टि से भी खासे महत्वपूर्ण
हैं। यहां विदेशियों के अलावा जिस देश में यह स्थित होते हैं वहां के
विशेषज्ञ व जानकार युवाओं की मांग रहती है। विदेशियों के रूप में यहां
अधिकांशत: अधिकारिक वर्ग की नियुिक्त होती है। इसके अलावा द्वितीय,
तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी स्थानीय देश के ही रहते हैं। अपने
देश में रहते हुए ही दूतावासों में किन-किन पदों पर नियुक्ति हो सकती
है इसके बारे में जानकारी-
दुभाषिया
दुभाषिया या
ट्रांसलेटर की आवश्यकता लगभग सभी दूतावासों में होती है। उदाहरण के लिए
अगर चीनी दूतावास में दुभाषिया की आवश्यकता होती है तो वहां भारत के
संदर्भ में ऐसे व्यक्ति की नियुिक्त होगी जिसे चीनी व भारतीय दोनों
भाषाओं का ज्ञान हो। ताकि वह दोनों पक्षों के बीच आपसी वार्ता को सफल
बना सके।
लिपिकवर्गीय कार्य
विभिन्न दूतावासों
में, जहां वह स्थित हैं, उस देश के महकमों में विभिन्न कागजी कार्यवाही
को अंजाम देने और तमाम दस्तावेज तैयार करने का कार्य लिपिक वर्गीय
कर्मचारी करते हैं। इस पद पर भी दूतावासों में अकसर स्थानीय लोगों की
नियुक्तियां होती रहती हैं।
पुस्तकालय
जैसा कि नाम से ही
स्पष्ट हो जाता है, पुस्तकालय में अपने देश व जिस देश में दूतावास
स्थित है उसकी पुस्तकों के संग्रह को नियमित करने का कार्य किया जाता
है। इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृति-सामाजिक और व्यापारिक
आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
वीजा विभाग
वीजा विभाग जिस
देश का दूतावास है वहां जाने के इच्छुक उस देश के लोगों को अनुमति
प्रदान करने का कार्य करता है जहां वह स्थित है। जैसे अगर आप अमेरिका
में शिक्षा ग्रहण करने जाना चाहते हों तो आपको पहले भारत स्थित अमेरिका
दूतावास से ‘शिक्षा वीजा’ लेना होगा। अन्यथा आप वहां नहीं जा सकते। इस
कार्य को वीजा विभाग अंजाम देता है। इस विभाग में भी अमूमन जहां
दूतावास स्थित है वहीं की मानव शक्ति का इस्तेमाल किया जाता है।
यात्रा संबंधी विभाग
यात्रा संबंधी
विभाग नागरिकों, विशष्टि नौकरशाहों व नेताओं की यात्राओं आदि की
व्यवस्था करता है। यह विभाग वरिष्ठ अधिकारियों व नेताओं के आगमन पर उनकी
संबंधित देश के आला अधिकारियों व सियासी दिग्गजोें से मुलाकात की
व्यवस्था भी कराता है। इस विभाग में भी रोजगार की व्यापक संभावनाएं है।
इसके अलावा दूतावासों में चतुर्थ श्रेणी के तमाम कायोर्ं को अजांम देने
के लिए ठीक-ठाक वेतन पर स्थानीय लोगों की ही नियुक्ति की जाती है।
योग्यता
दूतावासों में
नियुक्ति के लिए आवेदक का स्नातक होना अनिवार्य है। साथ ही जिस विशष्टि
विभाग या कार्य हेतु वह आवेदन कर रहा है, उसमें उसे विशेषज्ञता हासिल
होनी चाहिए। चतुर्थ श्रेणी के लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम रहती है।
वेतनमान
दूतावासों मे काम
करने वाले प्रथम से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के कर्मचारियों को आकर्षक
वेतनमान प्रदान किया जाता है। इसकी मूल वजह दूतावासों की प्रतिष्ठा होती
है। यहां द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को सामान्य तौर पर 16 से लेकर
20 हजार रूपए व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 6 से लेकर 8 हजार का वेतनमान
आसानी से मिल जाता है।
प्रस्तुती :-
चित्रा दत्ता Sahara Samay
© 2007 सर्वाधिकार सुरक्षीत आर्दश
इंटरनॆट प्रा. लि.
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