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चौबीस वर्षीय गुआओ ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल में नए ओलंपिक रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता और फिर अपनी कहानी सबके सामने बयां की और आशा जताई कि इस सफलता से उनका दूसरा सपना सच हो जाएगा और वह फिर से अपने पिता को देख पाएगी। तभी से गुआओ के पिता को ढूंढने के लिए आनलाइन पर खोज अभियान शुरू हो गया है। चाइना डेली के अनुसार गुआओ जब 14 साल की थी तब उनके माता-पिता में तलाक हो गया था। उसने अप्रैल 1999 से अपने पिता को नहीं देखा है। गुआओ को अगले दिन सिचुआन प्रांत के चेंगदु में राष्ट्रीय एयर पिस्टल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जाना था लेकिन उससे पहली रात उसके पिता चुपचाप उसे छोड़कर चले गए। इस निशानेबाज के पास अपने पिता की निशानी के तौर पर सलेटी रंग का कोट और उसके कोच हुआंग यानहुआ के लिए लिखा गया पत्र है। इस पत्र में उन्होंने लिखा था, 'मैं बहुत दूर जा रहा हूं। मैं चाहता हूं कि आप मेरी पुत्री के साथ अपनी बेटी जैसा व्यवहार करो और उसे अपना सर्वश्रेष्ठ हासिल करने में मदद करो।' रिपोर्ट में कहा गया है कि गुआओ अपने पिता के लापता हो जाने से बहुत निराश थीं और उन्होंने दो बार निशानेबाजी को अलविदा भी कह दिया था। इससे वह अंतर्मुखी बन गई और एक समय जब उन्हे पता चला कि उनके पिता की शक्ल सूरत वाला एक व्यक्ति उस क्षेत्र में देखा गया तो उन्होंने एक सप्ताह अपने पुराने घर के बाहर इंतजार में बिताया था। हुआंग ने तब उन्हे समझाया कि ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतना उनके पिता को ढूंढने का सबसे बढि़या तरीका हो सकता है। एक समाचार पत्र के अनुसार हुआंग ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि तुम निशानेबाजी छोड़ दोगी तो अपने पिता को निराश करोगी लेकिन यदि तुम स्वर्ण पदक जीतती हो तो हो सकता है कि तुम्हारे पिता तुम्हें मिल जाएं।' इस पर गुआओ ने कहा था कि मैं ओलंपिक खेलों में अच्छा प्रदर्शन करूंगी और मेरे पिता मुझे देखेंगे और उन्हें गर्व होगा। यह निशानेबाज 2005 में शहरी खेलों में नौवें स्थान पर ही थी लेकिन उन्होंने दोहा एशियाई खेल 2006 में एक स्वर्ण और रजत पदक जीतकर शानदार वापसी की थी लेकिन इसके एक साल बाद वह फिर से निशानेबाजी छोड़ना चाहती थी और हुआंग के समझाने के बाद ही इस खेल से जुड़ी रहीं। उनकी इस कहानी से चीनी लोग भी पसीज गए। बीजिंग न्यूज के अनुसार उनके पिता की खोज के लिए जारी नोटिस को अब तक एक लाख हिट्स मिली है तथा इंटरनेट का उपयोग करने वाले दस हजार से अधिक लोग सक्रिय रूप से उनकी खोज में जुट गए है। खोज अभियान में जुटे आयोजकों में से एक ने समाचार पत्र से कहा, 'हम पहले भी खोए हुए व्यक्तियों को खोजने में दूसरों की मदद करने में सफल रहे है। हमें इस बार एक और सफलता की आशा है। हम इस बार गुआओ का ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने के लिए आभार व्यक्त करना चाहते है।' गुआओ जब पोडियम पर खड़ी थी तो उनके गृहनगर झियान में लोगों की आंखों में आंसू थे। उनकी दादी चेन गुइझेन ने कहा, 'मैं जल्द से जल्द अपनी पौत्री को घर में देखना चाहती हूं। जब मैंने आखिरी बार उन्हे देखा था तो उसने कहा था कि उसका सबसे बड़ा सपना देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। अब उसका सपना पूरा हो गया है और मैं उसे बधाई देना चाहती हूं।' अपनी राय भॆजॆं | संपादक कॊ पत्र लिखॆं | मित्र कॊ बतायॆं
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