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लुधियाना/बडी ब्राह्मणा/रांची[जागरण संवाददाता]। महाशिवरात्रि
के त्यौहार नजदीक आते ही भगवान भोले ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं।
बुधवार को ग्यासपुरास्थित सुआ रोड पर बने श्री दुर्गा मंदिर में नंदी बैल दूध
पीते देखे गए जिसको लेकर श्रद्धालु अपने घरों से बर्तनों में दूध लेकर नंदी
बाबा को पिलाते दिखे।
वहीं जवद्दीस्थित पंजाबी बाग के ओम बाबा मंदिर में भी भगवान शिव की सवारी नंदी दूध व पानी पीते देखी गई, जिसको लेकर पंजाबी बाग व अन्य साथ लगते इलाकों के निवासियों का मंदिर में खूब जमावडा लगा रहा। उधर, जम्मू संभाग में जमीन की जंग को लेकर लग रहे बम-बम-भोले के नारों से शिवशंकर इतने प्रसन्न हो गए हैं कि उनके गण अब जम्मूवासियोंके हाथ से दूध पीने लगे हैं। सांबा,बडी ब्राह्मणा,कठुआ, बटोत,व आरएसपुरासे भी एसीचमत्कारिकघटना की सूचना मिली है। फर्क सिर्फ इतना है कि कहीं उन्होंने जल पीया है तो कहीं दूध। आज के वैज्ञानिक युग में यदि इस तरह की घटनाएं सुनने में आती तो हैं तो सहसा विश्वास नहीं होता, लेकिन जब इसे अपनी खुली आंखों से देखा जाए तो क्या कहा जा सकता है। ऐसा लगता है कि जम्मू संभाग में अमरनाथ भूमि को लेकर चल रहे आंदोलन में लगने वाले बम-बम-भोले के नारों से शिवशंकर प्रसन्न हो गए हैं। जैसे ही शिवगणनंदी को दूध पीने की खबर बडी ब्राह्मणा,बस्सीव आसपास के इलाकों में लगी। शिवमंदिरों में बाबा के भक्तों की भीड लग गई। कस्बेंमें चारों चरफ बम-बम-भोले गुंजायमान हो गया। लोग मंदिरों में पहुंच कर शिवगणनंदी को दूध पिलाने लगे। इस संबंध में बाबा के भक्तों का कहना है कि यह सब शिव की महिमा है। पिछले लगभग दो महीनेंसे इलाके में बम-बम-भोले की जयघोष हो रही है। भूमि को लेकर चल रही इस जंग में भोलेनाथहमारे साथ है। यह घटना कोई चमत्कार नहीं है, बल्कि इसका प्रमाण है। साथ ही रांची समेत सूबे के शिवालयों में बुधवार को फिर आस्था का सैलाब उमड पडा। माहौल वैसा ही था जैसा कुछ वर्ष पूर्व गणेश भगवान दूध पी रहे हैं की खबर पर हुआ था। इस बार बारी थी भगवान शिव की सवारी बसहा के दूध पीने की। आज सुबह राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में चर्चा फैली कि शिवालयों में स्थापित बाबा भोले के बसहा दूध और पानी पी रहे हैं। फिर क्या था-दूध का कटोरा लिए लोगों का सैलाब मंदिरों की और उमड पडा। मंदिरों की घंटियां घनघनाने लगीं और बसहा को दूध पिलाने के लिए लंबी कतारें लग गईं। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंदिर में उमडने वालों में बच्चे-बूढे सभी शामिल थे। लेकिन महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। पलामू, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल समेत कई अन्य जिलों में भी देर शाम तक मंदिरों में लोगों की भारी भीड जुटी रही।
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