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फूंक और 1920 : क्या लौट रही है डरावनी
फिल्में
jagran --
08/19/2008 09:39 PM
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मुंबई। इस शुक्रवार को राम गोपाल वर्मा की फूंक रिलीज हो रही
है। राम गोपाल वर्मा स्वयं किसी प्रकार के अंधविश्वास में यकीन नहीं करते। वे
कहते हैं कि उन्होंने सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से यह फिल्म बनायी है। एक
ट्रेड विशेषज्ञ के मुताबिक, राम गोपाल वर्मा ने फिल्म जैसी भी बनायी हो, लेकिन
उन्होंने निराला प्रचार किया है। अकेले फिल्म देखने की चुनौती देकर उन्होंने
फिल्म के प्रति जिज्ञासा बढ़ा दी है। सिनेमाघर में अकेले बैठकर फूंक देखनेवालों
को पांच लाख की ईनाम राशि दी जाएगी। राम गोपाल वर्मा के एक करीबी के मुताबिक
हमलोग पांच प्रतियोगी चुन रहे हैं। उन्हें यह फिल्म मुंबई के एक मल्टीप्लेक्स
में गुरूवार को दिखायी जाएगी। गौरतलब है कि राम गोपाल वर्मा की भूत सफल रही थी,
लेकिन उसी क्रम में आयी उनकी दूसरी फिल्मों को दर्शकों ने नापसंद कर दिया था।
फूंक के प्रदर्शन के महीने भर के अंदर विक्रम भट्ट की 1920 आ रही है। यह भी
डरावनी फिल्म है। विक्रम भट्ट की राज ने दर्शकों को डर से रोमांचित किया था।
ट्रेड सर्किल में माना जा रहा है किउनकी 1920 भी दर्शकों को डराएगी। विक्रम
भट्ट कहते हैं, डर एक ऐसा भाव है, जो इंसान को स्फुरित करने के साथ गुजर जाने
के बाद आनंद देता है। यही कारण है कि भूतों के किस्से लिखे और सुनाए जाते रहे
हैं।
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