जाले। दो धर्मो के बीच चर्चा-परिचर्चा
बंद हो गयी है। संवादहीनता के कारण दोनों धर्मो के बीच गलतफहमी हो रही है। दोनों
धर्मो के धर्माचार्य सामाजिक बुराइयों पर आपसी संवाद कायम कर धर्म
विरोधी-राष्ट्रविरोधी कामों पर रोक लगाने का संदेश दें। ये बातें कहीं केन्द्रीय
गृह राज्य मंत्री डा. शकील अहमद ने मंगलवार को जाले कालेज परिसर स्थित अपने अभिनंदन
समारोह को संबोधित करते कही। डा. शकील ने कहा कि इस मूल्क का मुसलमान आतंकी है ही
नहीं। पिछले पन्द्रह वर्षो से कश्मीर में जो कश्मीरी व सेना के जवान मारे जा रहे
हैं। इसके लिये विदेशी ताकत जिम्मेवार है जो कि पैसे के बल पर आतंक का कहर ढा रही
है। हिन्दुस्तान के किसी प्रदेश का एक भी व्यक्ति आतंकी नहीं है फिर समूचा मुस्लिम
काम आतंकी कैसे हो जायेगा। विदेशी ताकतों का न तो कोई धर्म है और न ही को मजहबी
भारत का मुसलमान अपने किसी मुसलमान को नेता नहीं मानता बल्कि देश का ईमानदार व
मुस्लिम रहनुमा गैर मुस्लिम को अपना नेता मानता आया है। इस समारोह की अध्यक्षता
क्वाजा मो. जावेद ने। वहीं संचालन मोजफ्फर रहमानी ने किया। समारोह में विद्यालय के
छात्र-छात्राओं ने भी अभिनंदन भाषण प्रस्तुत किया। अताउल्लाह सावरी, दीप नारायण साह,
धु्रव नारायण चौधरी, हसन जाहीद, सब्बीर अहमद वेन ने भी विचार रखे।