फुलपरास (मधुबनी)। प्राथमिक विद्यालय गोरगामा बलुआही
की मानीटरिंग को पहुंचे वरीय साधनसेवी गंगा प्रसाद यादव ने शुक्रवार प्रात: 7.50 बजे
पाया कि विद्यालय में मात्र 24 बच्चे उपस्थित थे। तत्पश्चात एक पंचायत शिक्षिका
विद्यालय पहुंची एवं दूसरे पंचायत शिक्षक उसके बाद विद्यालय पहुंचे। शिक्षकों के
विद्यालय पहुंचने का सिलसिला 8.40 तक जारी रहा तथा कुल उपस्थित छात्र 31 पाये गये।
छात्रोपस्थिति पंजी एवं अभिलेख प्रधानाध्यापक विष्णुदेव राय एक दिन पूर्व से ही
अनुपस्थित बताए गये। बंद मध्याह्न भोजन एवं जरूरी सूचनाओं से संबंधित चार्टो का
अभाव था। इसी तरह विधायक देवनाथ यादव ने प्राथमिक विद्यालय सुरहा, सुग्गापट्टी,
नवटोली, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बहुअरबा, मध्य विद्यालय सुग्गापट्टी, बेलहा पूरब,
गेहूंमा बैरिया, सैनी एवं उच्च विद्यालय बेलहा के निरीक्षणोपरांत पिछले दिनों बताया
कि सर्वशिक्षा अभियान की इन विद्यालयों में धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। कई जगह
विद्यालय कक्षों में शराब की खाली बोतलों के दर्शन भी निरीक्षण के दौरान विधायक को
हुए। जिसकी वीडियोग्राफी उनके पास मौजूद हैं। कागजी खानापूर्ति से आगे सर्वशिक्षा
अभियान की रोशनी को ले जाना सरकार के लिए एक चुनौती बताया जा रहा है। मनमाफिक
अंकधारी एवं गलत प्रमाण पत्रों पर अनुबंधित शिक्षक, संकुल से लेकर प्रखंड संसाधन
केन्द्रों में व्यापक प्रभाव एवं पैरवी आधारित नियोजन प्रतिनियोजन एवं विमुक्त राशि
से अंशदान वसूलने की स्थापित हो रही परम्परा सर्वशिक्षा अभियान पर अपना असर दिखा रही
है।
उल्लेखनीय है कि उक्त नयी सड़क करीब ढाई फीट ऊंची हो गयी है। इस कारण सड़क से विद्युत
पोल की तार की ऊंचाई कम हो गयी है। यह मार्ग सकरी व मधुबनी जाने का मुख्य मार्ग है।
इसलिए दुर्घटना की संभावना को देखते बीडीओ ने 20 मार्च एवं सदर अनुमंडलाधिकारी ने
पांच अप्रैल को पत्र लिखकर विद्युत पोल को विस्थापित करने को कहा। इसके जबाव में
विद्युत अवर प्रमंडल सकरी के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग
द्वारा अवैध रूप से विद्युत पोल के बिना प्राक्कलित राशि जमा किये एवं विभागीय
प्रक्रिया पूरा किये बिना ही सड़क को ऊंचा एवं चौड़ा कर लिया गया। जिसके कारण पोल सड़क
में समाहित हो गया है और तार की ऊंचाई कम हुई है। विभाग का कहना है कि इस बाबत
मुख्य अभियंता, दरभंगा में भी पीडब्ल्यूडी मधुबनी को स्मारित किया था। ऐसे में बगैर
प्राक्कलित राशि जमा किये बिना विद्युत पोल को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।
इधर, पीडब्ल्यूडी और विद्युत विभाग के पेंच में फंसकर निर्माण के दो माह बाद भी बड़े
वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो सका है। इधर, मुख्य मार्ग जाम रहने से लोगों में
आक्रोश बढ़ता जा रहा है।