सीतामढ़ी। अंग्रेजी हुक्मरानों को भारत की जमी पर सबक
सिखाने तथा देश की खातिर हंसते हुए फांसी पर चढ़ने वाला अमर सपूत भगत सिंह की शहादत
को सभी ने भूला दिया है। राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की कवायद करने वालों को
सच्चाई शहर के गुदरी रोड में मौजूद है। 26 जनवरी तथा 15 अगस्त को इस स्मारक की थोड़ी
बहुत साफ-सफाई हाल के वर्षो में की जाने लगी है, परन्तु भगत सिंह के शहादत दिवस पर
स्मारक का ताला भी नहीं खोला गया। आदमकद प्रतिमा धूल से भरा है। सफेद संगमरमर की
प्रतिमा का रंग काला नजर आने लगा है। देश की आजादी की खातिर अपना प्राण न्योछावर
करने वाले वीर सपूतों के प्रति आम लोगों में उपेक्षा भाव पर स्थानीय प्रबुद्ध लोगों
ने तीव्र रोष व्यक्त किया है।