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दरभंगा। नवजात शिशु में होने वाली जानलेवा बीमारियों से बचाव को ले मंगलवार को एएनएम का आठ दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया गया। उद्घाटन करते हुए सिविल सर्जन डा. नरेन्द्रनाथ शर्मा ने ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों में मृत्यु दर को कम करना है। प्रशिक्षण के दौरान नवजात में विभिन्न प्रकार की बीमारियों बुखार, मलेरिया, निमोनिया, खसरा, कुपोषण से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही टीकाकरण की सार्थकता भी बतायी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम सीएस कार्यालय व सत्कार रेस्ट हाउस में चल रहा है। दोनों जगह 24-24 एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हायाघाट व बहादुरपुर प्रखंड की एएनएम इसमे भाग ले रहीं है। इस अवसर पर डीएमसीएच शिशु रोग विभाग के चिकित्सक डा. रिजवान हैदर ने बताया कि भारत में नवजात शिशु के मृत्यु दर में काफी वृद्धि हो गयी है। प्रति एक हजार में 60 बच्चे अपना पहला जन्म दिन भी नहीं मना पाते है। एक माह के बच्चों की मृत्यु दर सबसे अधिक है। 64 प्रतिशत नवजात की मौत जन्म के पहले माह में ही हो जाती है। डा. हैदर ने बताया कि आठ दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान ओआरएस घोल, टीकाकरण, मां का दूध पिलाने के बावत एएनएम को जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण देने वालों में डा. अजय कुमार, डा. सुनील, डा. लाल, बबीता कुमारी, वंदना, कविता कुमारी, अब्दुल कादिर व यूनीसेफ के डा. रामाशंकर उपस्थित थे। ज्ञात हो कि राज्य सरकार की ओर से पांच वर्ष तक के बच्चों में मृत्यु दर को कम करने के लिए राज्य के 6 जिला दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, गया, भागलपुर व पटना में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कालेज नई दिल्ली में चिकित्सकों को भेजा गया गया था।


जागरण

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