|
|
| मिथिलालाइव समाचार |
|
|
दहॆज उन्मुलन कॆ लियॆ हमॆ विचारॊ मॆ बदलाव करना हॊगा | 11/03/2007 12:21:01 PM +0530 |
चौतरवा (पश्चिम चंपारण)। क्षेत्र के पतिलार
पंचायत अंतर्गत लक्ष्मीपुर गांव के देवी मंदिर प्रांगण में गुरुवार को श्री
कुमारी कल्याण यज्ञ के समापन पश्चात एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए यज्ञ के
प्रवर्तक उमापति मिश्र उमानंद ने कहा कि मानव समाज में भावनात्मक बदलाव लाने के
लिए कुमारी कन्याओं को प्रतिष्ठित करना परम आवश्यक है। 'श्री कुमारी कल्याण
यज्ञ' एक आंदोलन है जो बदलते समाज में नारी का महत्व उजागर करेगा। विकसित समाज
में अणु बम की नहीं अपितु अणुव्रत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि घर-घर में
कुमारी शक्ति को काली, दुर्गा व सरस्वती के रूप में पूजन व मर्यादित कर उनके
शोषण मुक्त भावों को उजागर करना ही श्री कुमारी कल्याण यज्ञ का उद्देश्य है।
समस्त प्राणियों में व्याप्त कुप्रवृतियों एवं हिंसात्मक भावनाओं के संहार हेतु
परम प्रकृति स्वरूप मां भगवती की उपासना जाति लिंग व सम्प्रदाय से ऊपर उठकर करना
परम आवश्यक है। दहेज को पारंभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि वास्तव में
परम्परागत 'दहेज उपहार है : प्रताड़ना नहीं।' वर्तमान युग में दहेज उन्मूलन एक
समस्या भले ही हो परंतु उसका समाधान लोगों के विचारों में बदलाव लाकर किया जा
सकता है। नारियों के महत्ता को बतलाते हुए श्री मिश्र ने कहा कि दहेज किसी माता
के बेटे की ही मांगी जाती है। कोई माता ही सास बनकर बहु को प्यार या प्रताड़ना
देती है। भ्रूण हत्या कोई माता ही कराती है। विवाह किसी माता की बेटी की हीं
होती है। हर नारियां मजबूरियों को समझती हैं फिर भी कुछ अशांत भावनाओं को पालने,
असंयमपूर्ण जीवन यापन के चलते हिंसक कार्यो को करने के लिए बाध्य है। उक्त अवसर
पर समाजसेवी मजिस्टर यादव ने कहा कि समाज में नारियों की संख्या पुरुषों की
तुलना में गिरती जा रही है। इस लिए भी भ्रूण हत्या रोकने के साथ नारियों को
समाज में प्रतिष्ठित करना हमारा दायित्व है।
हमॆ अपनॆ सुझाव
भॆंजॆ |
मित्र कॊ बतायॆ
| खबरॊ कॆ मुख्य प्रिष्ट पर जायॆं
| मॆरा मिथिला - मॆरी आबाज | |
| Home Page | © Adarsh Internet Pvt. Ltd. 2007 |
Home Page Feed Back - Refer To Friend - Terms Of Use- Privacy Policy- About Us - Contact Us - Careers -Advertise With Us
Created By OMDINDIA Softwares