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अकेले सचिन के टेस्ट रन पूरी बांग्लादेश टीम से अधिक  |  11/03/2007 12:15:25 PM +0530 |

बांग्लादेश ने टेस्ट सीरीज के लिए अनुभव को तरजीह देकर खालिद मसूद, राजिन सालेह और इनामुल हक जूनियर सहित पांच नए खिलारीयॊ को टीम में शामिल किया लेकिन केवल टेस्ट सीरीज में खेल रहे तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और अनिल कुंबले के अनुभव के सामने ये सब कहीं नहीं ठहरते। बांग्लादेश की टेस्ट टीम ने अब तक जितने रन बनाए है अकेले सचिन तेंदुलकर ने उससे अधिक रन बनाए है। बांग्लादेश के सभी गेंदबाजों के नाम पर जितने विकेट दर्ज है अनिल कुंबले ने उससे ढाई गुना अधिक विकेट लिए है।
असल में बांग्लादेश ने टेस्ट सीरीज के लिए जिस 14 सदस्यीय टीम का चयन किया है उसे कुल 245 टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है जबकि भारत की तरफ से तेंदुलकर और कुंबले ही 248 टेस्ट खेल चुके है। यदि इसमें राहुल द्रविड़, गांगुली और लक्ष्मण के टेस्ट मैचों की संख्या जोड़ दी जाती है तो आंकत्रडा 526 पर पहुंच जाता है।
भारतीय कप्तान द्रविड़ ने इस अनुभव के आधार पर टेस्ट सीरीज में सूपत्रडा साफ करने का दावा कर रहे हैं। द्रवित्रड को उम्मीद है कि दोनों टेस्ट में वे बत्रिढयां प्रदर्शन करेंगे। यदि रनों की बात की जाए तो अकेले तेंदुलकर ने अब तक 135 टेस्ट मैचों में 10668 रन बनाए हैं जबकि बांग्लादेश के सभी खिलात्रिडयों के रन जोत्रडने पर संख्या केवल दस हजार पर पहुंच पाती है। बांग्लादेश ने टेस्ट सीरीज के लिए जिन नौ विशेषज्ञ बल्लेबाजों को टीम में रखा है उनमें से दो मेहराब हुसैन जूनियर और सकीबुल हसन ने अभी टेस्ट मैच नहीं खेला है जबकि बाकी सात के नाम पर केवल 8622 रन दर्ज है। भारतीय कप्तान राहुल द्रवित्रड इससे अधिक 9174रन बना चुके हैं। बांग्लादेशी बल्लेबाजों की इस रन संख्या में यदि आलराउंडर मोहम्मद रफीक के 982 रन भी जोत्रड दिए जाएं तो वह तब भी 9604 तक ही पहुंच पाएगी। बांग्लादेश के 14 खिलात्रिडयों के नाम पर वैसे कुल मिलाकर 10000 रन दर्ज हैं।
गेंदबाजी में रफीक बांग्लादेश के सबसे सफल गेंदबाज हैं जिन्होंने 87 विकेट लिए हैं जबकि मशरिफ मुर्तजा के नाम पर 50 विकेट दर्ज हैं। उसने सीरीज के लिए जिन पांच गेंदबाजों पर भरोसा दिखाया है उन्होंने कुल मिलाकर 194 विकेट लिए हैं। अकेले कुंबले के नाम पर 547 विकेट दर्ज हैं।
बांग्लादेश अपनी टीम को इसलिए अनुभवी मान रहा है क्योंकि उसने टेस्ट मैचों का अनुभव रखने वाले खिलारियों पर भरोसा दिखाया है। अब तक 17 टेस्ट मैच में 930 रन बनाने वाले राजिन सालेह को दस टेस्ट मैच में 395 रन बनाने वाले आफताब अहमद पर तरजीह दी गई है। बांग्लादेश के टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण से ही टीम का अहम हिस्सा रहे विकेटकीपर खालिद मसूद को विश्व कप टीम में नहीं चुना गया था लेकिन टेस्ट टीम में उन्हें मुशफिकर रहीम पर तवज्जो मिली है। मसूद ने अब तक 41 टेस्ट में 1361 रन बनाने के साथ ही 83 शिकार भी किए हैं। दूसरी तरफ मुशफिकर दो टेस्ट में केवल 24 रन बना पाए और उनके नाम पर कोई शिकार नहीं है।
अब्दुर रज्जाक ने विश्व कप में भले ही अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन जब अनुभव के नाम पर बाएं हाथ के ऑॅफ स्पिनर इनामुल हक जूनियर बाजी मार गए। इनामुल ने दस टेस्ट में 32 विकेट लिए हैं जबकि रज्जाक ने केवल एक टेस्ट मैच खेला है। बांग्लादेश ने अब तक केवल एक टेस्ट मैच जीता है। उसने जनवरी 2005 में ढाका में जिम्बाब्वे को 226 रन से हराया था तब इनामुल ने दूसरी पारी में 45 रन देकर छह विकेट लिए थे।

 पटना मिथिलालाइव ब्यॊरॊ

 

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