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बिहारियॊं और यु. पी. बालॊ सॆ दिल्ली मैं
सम्सया शिला दीक्षित , बिहारी बाबु कॊ सख्त ऎतराज :-
दिल्ली मैं आज शिला दीक्षित कॆ ऎक बयान नॆ
दिल्ली मैं रहनॆ बालॆ लाखॊ बिहारीयॊं का दिल तॊर दिया |
मुख्यमंत्री
ने यह बयान बुधवार की सुबह फ्लाई ओवरों के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान दिया।
कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हर साल यूपी,
बिहार से बड़ी तादाद में लोग दिल्ली आते हैं, लेकिन इनमें से कोई यहां से वापस
नहीं जाना चाहता। दिल्ली सरकार के पास ऐसा कोई कानूनी अधिकार नहीं है कि इन लोगों
को यहां आने से रोका जा सके या वापस भेजा जा सके। इस मामले में उनकी सरकार पूरी
तरह से असहाय है।
इस बयान के बाद दिल्ली के राजनीतिक हलकों में बवाल शुरू हो गया। बिहार व यूपी
से जुड़े संगठनों और बीजेपी ने तो मुख्यमंत्री की जमकर खिंचाई करते हुए माफी की
मांग की ही, खुद कांग्रेसी नेताओं ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। इनमें बिहार
और यूपी से आए कांग्रेसी नेता भी शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि
मुख्यमंत्री के बयान से कांग्रेस को यूपी और बिहार दोनों राज्यों में नुकसान
उठाना पड़ सकता है।
जब मुख्यमंत्री को लोगों की इस नाराजगी का पता चला, तो उन्होंने कहा कि किसी
प्रदेश विशेष के लोगों की भावनाओं को आहत करने की मेरी मंशा नहीं थी। मेरे बयान
को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार व अन्य
राज्य के लोग यहां आकर बसे हैं। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले वापस नहीं जाना
चाहते। मैंने यह कहकर क्या कोई गुनाह कर दिया है? यह किसी के खिलाफ टिप्पणी नहीं
है। अगर कोई गुनाह किया है तो उसके लिए मैं माफी चाहती हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच लाख लोग हर साल यहां आकर बस जाते हैं। यहां 50 लाख
वाहन हैं, क्या ये बातें सच नहीं हैं। लोगों का यहां आना जारी है, क्या हमें
उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए नागरिक सुविधाएं बढ़ाने का काम नहीं करना
पड़ता है। हम उनके लिए सड़कें, घर, बिजली, पानी और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध
कराते हैं। मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा कि लोग कहां से आकर यहां बस रहे हैं। मैं
खुद उत्तर प्रदेश से संबंध रखती हूं, तो अपने या किसी दूसरे प्रदेश के प्रति ऐसा
बयान कैसे दे सकती हूं। रोजी-रोटी की तलाश में राज्यों से आकर यहां बसने वाले
लोगों की भावना को आहत करने का मेरा कोई इरादा नहीं था।
इस पर
श्रि शत्रुधन सिंहा जी नॆ कहा है की बिहारियॊ कॆ साथ हर जगह ऎसा क्यॊ कहा जाता
| उन्हॊनॆ इसॆ शिला दीक्षित की खराब सॊंच का ऎक परीनाम है |
N. D. T. V कॆ ऎक कार्यक्रम मैं बि. जॆ. पी कॆ ऎक प्रमुख नॆता नॆ कहा कि असम,
महाराष्ट सॆ लॆकर अब दिल्ली तक बिहार एवं यु. पी. कॆ लॊगॊ कॆ साथ ऎसा ही हॊ रहा
है | अगर हम दॆस कॆ अन्दर ही इस तरह सॆ लड्तॆ रहॆ तॊ ऎक दिन गृह युध्द हॊनॊ की
नौबत आ जायॆगी |
दिपक कुमार मिथिलालाइभ ब्यॊरॊ दिल्ली
हमॆ अपनॆ सुझाव
भॆंजॆ |
मित्र कॊ बतायॆ
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