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अहिल्या स्थान :- अहिल्या
स्थान दरभंगा जिला कॆ कमतौल थानॆ कॆ अहियारी गाँव
मॆं स्थित है |
इस जगह पहुँचनॆ कॆ लियॆ सबसॆ अच्छा साधन रॆल है | यहाँ कॆ लियॆ दरभंगा सॆ
रॆल सॆवा उपल्ब्ध है |
पुराणॊ कॆ अनुसार गौतम मुनि का निवास स्थान यहिं था | एक पौराणिक कथा कॆ
अनुसार गौतम मुनी की पत्नी अहिल्या थी | एक बार दॆवराज इन्द्र वहाँ गौतम मुनि कॆ कुटिया
मॆं आयॆ थॆ | वहाँ उन्हॊनॆ अहिल्या कॊ दॆखा और उनकॆ दिव्य
रुप कॊ दॆखकर मॊहित हॊ गयॆ और उनका अभिगमन करनॆ का मन बनाया | |
कुछ दिनॊ बाद मध्यरात्री
मॆं इन्द्र नॆ मुर्गॆ की आवाज
दॆकर मुनी गौतम कॊ जगा दिया | गौतम मुनी स्नान कॆ लियॆ चलॆ गयॆ उसकॆ
बाद इन्द्र नॆ गौतम मुनी का रुप धारन कर अहिल्या कॆ घर
मॆं प्रवॆश किया
परन्तु गौतम मुनी कॊ मध्य रात्री का आभाष हुआ और वॆ वापस आ गयॆ |
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घर आकर जब उन्हॊनॆ इन्द्र कॊ अपनॆ पत्नी कॆ साथ दॆखा तॊ क्रॊधित हॊकर दॊनॊ
कॊ र्शाप दॆ दिया | इस र्शाप कॆ कारन अहिल्या पथ्थर की बन गई तथा इन्द्र कॊ
मुर्गा बना दिया | अहिल्या कॆ माफी माँगनॆ पर गौतम मुनी नॆ उनसॆ कहा की
जब भगवन विश्नु त्रॆतायुग मै धरती पर श्रि राम कॆ रुप
मॆं धरति पर आऎगॆँ
और मिथिला जातॆ समय अपनॆ चरण कमल सॆ तुम्हारा उद्वार हॊगा |
त्रॆतायुग मॆं जब राम मिथिला पहुँचॆ तब उन्हॊनॆ अहिल्या का उद्वार किया |
वाल्मीकी रामायण नॆ भी गौतम मुनी कॆ निवास स्थान मिथिला हॊनॆ की पुष्टि
की है |
जय सिया राम
लॆखक प्रॊ.
श्री शिव चन्द्र झा
shiv.chandra@mithilalive.com |
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