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मराठी राज्यपाल पर चिल्लाए बिहारी नेत
BBC HINDI

बिहार के राज्यपाल आरएस गवई को आरएस गवईविधानसभा में उस समय अजीब सी स्थिति का सामना करना पड़ा जब उनके संबोधन के दौरान विपक्षी पार्टियों ने महाराष्ट्र में बिहार के लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया.

दरअसल बिहार के राज्यपाल महाराष्ट्र से हैं और बिहार के राजनेता वहाँ हिंदी भाषी लोगों के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन से ख़फ़ा हैं.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बयान के बाद कई दिनों तक मुंबई और आसपास के इलाक़ों में हिंदी भाषियों के ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाएँ हुई थी. शुक्रवार को बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ.

जैसे ही राज्यपाल आरएस गवई ने अपना संबोधन शुरू किया, सीपीआई (एमएल) के विधायक अरुण कुमार ने सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की नाकामियों को गिनाना शुरू कर दिया.

इसके बाद विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्यों ने भी सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाने शुरू कर दिए.

ग़ुस्सा

शोर-शराबे के बीच विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के बाद जब राज्यपाल सदन से जाने लगे, तो राष्ट्रीय जनता दल के विधायक शकुनी चौधरी ने चिल्ला कर कहा कि राज्यपाल को महाराष्ट्र में बिहार के लोगों की सुरक्षा के बारे में कुछ करना चाहिए.

 देश का संविधान भारत के लोगों को इसका अधिकार देता है कि वे देश के किसी भी हिस्से में नौकरी करने और अपनी जीविका चलाने के लिए जा सकते हैं. हम सभी भारतीय हैं. दरअसल जबसे मैं बिहार का राज्यपाल हूँ, मैं भी बिहारी हो गया हूँ
 
आरएस गवई

बाद में जब पत्रकारों ने शकुनी चौधरी की टिप्पणी के बारे में राज्यपाल से सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा- ऐसी प्रतिक्रिया तो होनी ही थी. बिहार के लोगों या अन्य हिंदी भाषी लोगों के ख़िलाफ़ जो भी हो रहा है, उसकी आलोचना होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि देश का संविधान भारत के लोगों को इसका अधिकार देता है कि वे देश के किसी भी हिस्से में नौकरी करने और अपनी जीविका चलाने के लिए जा सकते हैं. राज्यपाल ने कहा, "हम सभी भारतीय हैं. दरअसल जबसे मैं बिहार का राज्यपाल हूँ, मैं भी बिहारी हो गया हूँ."

वैसे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बयान की आलोचना ख़ुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव कर चुके हैं.

 
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