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30/01/08 को हम पहुँचे कोलकाता के
तारासुन्दरी पार्क (नागार्जुन पार्क) जो की मिथिलांचल का मॆसैज सेंटर कहा
जाता है
यहाँ 30.12.2007 को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गाया, जिसमे मिथिला
विकाश परिषद के तरफ से कवि बैदयनाथ मिश्रा “यात्री” (नागार्जुन) जी का
प्रतिमा का स्थापना कोलकाता के मेयर विकाश रंजन भट्टाचर्या ने अपने तन-मन
से किया वहाँ उपस्थित थे मिथिला विकाश परिषद के अध्यख श्री अशोक झा, विनय
प्रातिहस्थ, विधायक दिनेश बजाज, और मिथिला रत्न कुंजबिहारी मिश्रा,
रामशेवक ठाकुर, रामचंद्र पासवान जी और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद
थे |
जैसा की आप जानते हैं हज़ारो यहाँ पर हमॆसा हजारॊ की संख्या
मॆं मैथिल पंडितॊ की भीड़ लगी रहती है और वही से हरेक पंडित अपने लक्ष्य
के तरफ जाते हैं, हमनॆ वहाँ पहुँचकर, वहाँ के कुछ पंडित लोगो से बात की |
हमनॆ पुछा की कोलकाता मे आए दिन “हमर मिथिला समाज अनेक तरह क कार्यक्रम
करवा रहल छेत अई स अपनेक सब कतेक खुश छियै, इस पर उन्हॊनॆ बताया की, हम
सब बहूत खुश है एसा लग रहा रहा है की मैथिल भाई अब सिर्फ मिथिला तक ही
सिमीत नहीं रहॆ अब उनका साम्राज्य पूरॆ दुनियाँ मॆं फैल रहा है, उसके बाद
हमनॆ पुछा, अहाँ सब मिथिला क बारे मॆं की बाजॆ चाहैत छी, इस पर उन्हॊनॆ
बताया ,
1. हमरा मिथिला राज्य चाही |
2. मिथिलांचल मॆं भ रहल दहेजप्रता कॆ समाप्त हॊइत दॆखवा चाहैत छी |
इसी क्रम मॆं हमारी मुलाकात हुई एक ऐसे व्यक्ती से जो अनेक सेवा समिति से
जुड़ॆ हुए थे, जी हाँ जिनका नाम है देव शंकर झा उन्हॊनॆ हमे बहुत तरह की
बातॊ सॆ अवगत कराया लेकिन उन्हॊनॆ सब से ज़्यादा ज़ोड़ दिया दहेज प्रथा
पर उन्हॊनॆ कहा की दहेज प्रथा एकटा एहन बीमारी कॆ तरह उभैर क आबी रहल अछी
जे ओकरा भगवानो नई मिटा सकट अछी हाँ अगर एकरा मिटवा कॆ लॆल चाहैत छी त
हमर मिथिलांचालक जतॆक समिति अछी ओ सब एक जुट भ गाँवॆ –गाँवॆ
मोहल्ले-मोहल्ले जा एही प्रथा क लएल आवाज़ उठाबी चाहे ओ मिथिला, दिल्ली,
मुंबई, चेन्नई, कोलकाता हो या कोनो अन्य देश महादेश कतौअ रहैक.
इस से हम को अनुभव हुआ की नहि दहेज प्रथा मिथिला ही नहि पूरे भारत के
लिए शर्म की बात है, इस लिए आज हम सब मैथिल और गैर मैथिल दहेज प्रथा
को हटाने का संकल्प ले. और हम कहेंगे की सब मिथिला वासी इसमे एक दुसरॆ का
सहयोग करें
दहेज प्रथा पर किसी तरह का कोई टिप्पणी करना है तो हमे मेल करें.
प्रस्तुती अरुण
कुमार झा info@mithilalive.com
मजॆदार चुटकुलॆ दुसरा पॆज |