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“12 फरवरी 2008 कोलकाता” मिथिलांचल के
छात्रो के लिए अगर एक अच्छा सा पढ़ने योग स्थान अगर किसी बड़ी शहर मे मिल
जाए तो ये क्या हम मिथिलांचल वासी, हम बिहार वासी के लिए गौरव की बात नही
होगा | जी हाँ हम बात कार रहे हैं “राजेन्द्र छात्र निवास” की जो की
बिहारी छात्र के लिए एक यूद्ध स्थल है जहाँ बिहारी छात्र यहाँ आकर अपने
(किताब, कॉपी, पेन) जैसे हथियार के साथ यहाँ कुछ बनने के लिए यूद्ध करते
हैं और यहाँ से कुछ बनकर निकलते हैं “क्या आप जानते हैं यहाँ इस छात्र
निवास से सबसे ज्यादा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आए दिन निकल रहे हैं मै कितना
का नाम लू, गिनना उफफफफ……….
[वहाँ पहुँच कर मै वहाँ रह रहे आनंद कुमार (आर्टिकल असिस्टेन्स) से
बातचीत की प्रस्तूत है उसकॆ कूछ के कुछ अंश:-]
प्रश्न :-यहाँ के बारे में कुछ आप बताएँगें?
उत्तर :-
राजेन्द्र छात्र निवास जो की (बिहार प्रवासी छात्र संघ ट्रस्ट) के अंदर
मे है जिसका स्थापना सन 1948 को हुआ था !इसका नाम डॉक्टर राजेन्द्र
प्रसाद के नाम पर रखा गया है, इसमे बिहार के बहुत से छात्र पढ़ के अपना
भविष्य बना चुकॆ हैं, यहाँ 1948 से ही सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता आ
रहा है और इस अवसर पर अनेक रंगारंग कार्यक्रम, भजन कीर्तन,
और संस्कृतिक कार्यक्रम होते है, यहाँ बाहर से अतिथि लोगो को भी आमंत्रित
किया जाता है, इस रोज यहाँ के छात्र मे खुशी का माहौल देखा जाता है, हर
साल की तरह इस साल भी 11 फरबरी 2008 को सरस्वती पूजा का आयोजन “सरस्वती
पूजा समिति” राजेन्द्र छात्र निवास, 14/1ए, शंभू चटर्जी स्ट्रीट, कोलकाता
–700007 के द्वारा किया गया है, उन्होने मुझे बताया की “बिहार प्राबासी
छात्र संघ ट्रस्ट” के मेंम्बर (कामदेव झा, दिनेश ठाकुर, श्री शंकर झा,
भोगेन्द्रा झा, श्री सत्यनारायण लाल दास) और अनेक गणमान्य व्यक्ति
उपस्थित थे,
राजेन्द्र छात्र निवास के सदस्य का ब्योरा नीचे दे रहें है.
सरस्वती पूजा समिति-2008
कॉंटॅक्ट नं-033 22199170
प्रेसिडेंट : दिनेश ठाकुर
जनरल सेक्रेटरी : अविनाश ठाकुर
ट्रेजरर : रवि कुमार
सेक्रेटरी : आनंद कुमार, राजु शाह, रंजीत कुमार झा, दीपक कुमार झा,
प्रभात कुमार झा, विक्रम कुमार झा
और सभी राजेन्द्र छात्र निवास परिवार
और मजे की बात यह है की जब मै वहाँ पहुँचा तो मिथिलांचल की गोसोनिक गीत
और कोलकाता की एक ओर्केशट्रा पार्टी का जलवा देखकर मन मुग्ध हो गया, और
तो और वहाँ रह रहे दो बूढ़े ने तो (बीरी जलाइले………..परोसीकी चूल्हे से आग
ले ले) गीत को सुनकर जो नाच रहे थे जैसे लग रहा था की चूल्हे की आग उनलोगो
के दिल मे बस गयी हो, उसके बाद भोजपुरी गाना (सैंया जी सब कुछ मांगेला
गमच्छा बिछै के) की डांस जो की उस पार्टी की पूजा नाम की लड़की लगभग 18
साल की उम्र थी ने कर रही थी जिसका जलवा देखकर वहाँ की छात्र मे जो जोश
थी मत पुछिये. है रे मेरे देश की मिट्टी.
प्रस्तुती अरुण
कुमार झा info@mithilalive.com
मजॆदार चुटकुलॆ दुसरा पॆज |