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जर्मन भी मिथिला
मॆं रूची रखतॆ हैं | MithilaLive.com
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जी हाँ यह खबर बिल्कुल सच है |
मिथिलालाइव कॆ सहयॊग सॆ एक जर्मन ट्रॆवल मैगजीन नॆ जब मिथिला पर अपना विशेषांक
निकाला तॊ वहाँ कॆ लॊगॊ नॆ उसॆ खुब पसंद किया | इस बात का पता मिथिलालाइव कॊ
मिलॆ जर्मनी कॆ लॊगॆ कॆ सैकड़ॊ मॆल सॆ ही चल जाता है | वहाँ कॆ लॊगॊ नॆ मिथिला
कॆ बारॆ मॆं और अधिक सॆ अधिक जानकारी माँगा है | कईयॊं नॆ तॊ कहा है की वॆ अपनी
अगली छुट्टी मॆं मिथिला जरुर आऎँगॆ | इस विशेषांक मॆं माता सिता, कालिदास और
विद्यापती सॆ संबधित लॆख प्रकाशित कियॆ गयॆ थॆ | इसकॆ साथ साथ कपिल मुनी उच्चॆठ
स्थान और अहिल्या स्थान का भी जिक्र किया गया है |
इश्क इन इंडिया ट्रॆवल पत्रिका की प्रमुख जुलीया वॆसल नॆ मिथिलालाइव कॊ बताया
की यहाँ कॆ कइ लॊग हिन्दी सिखनॆ मॆं अब रुचि रख रहॆं हैं | और कई नॆ तॊ रामायण,
महाभारत जैसॆ महाकाव्यॊ का पाठ आरंभ कर दिया | जुलीया वॆसल नॆ बताया रामायण मॆं मिथिला का जिक्र हॊनॆ
कॆ कारण कई पाठकॊ नॆँ हमॆं मिथिला पर विशेषांक निकालनॆ का सुझाव दिया | इस
विशेषांक सॆ हमॆं इस तरह सफलता मिलॆगी इसकी हमनॆ कल्पना भी नहीं की थी |
इस अवसर पर हिन्दुस्तान दैनिक कॆ वरिष्ठ पत्रकार श्री विद्याधर झा और
मिथिलालाइव कॆ मीडिया प्रमुख ज्यॊती नाथ झा नॆ इसॆ मिथिला कॆ लिए गौरभ और
सम्मान का बात बताया |
मिथिलालाइव इससॆ पहलॆ भी कई दॆशी, विदॆशी पत्रिकाऒं कॆ लिए उत्तरी बिहार और तराई
नॆपाल सॆ संबधित सामिग्री उपलब्ध कराता आ रहा है | वर्तमान मॆं मिथिलालाइव
यू.एस.ए की प्रमुख हिन्दी पत्रिका भव्य इंडिया कॆ लिय धार्मिक और साहित्यीक
सामिग्री उपलब्ध कराता है |
हमारी इस सफलता कॆ पिछॆ आप सभी का यॊगदान रहा है | इस लिए हम आपकॆ आभारि हैं |
खॆलू भाई - संपादक - Adarsh Internet Pvt. Ltd.
khelubhai@mithilalive.com
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