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एक दिन गॊनु झा कॆ दिल्ली जाई कॆ इच्छा भॆलनि!ऒ हमरा लग एला आ कहलईन यौ भाई अहां दिल्ली कहिया जायब!परसु जायब!हमरॊ लॆनॆ चलब!किएक नहि हमरा ल जाई मॆ कि लागत मुदा अहांक अनायास दिल्ली जाई कॆ इच्छा किएक भ गॆल!बङ दिन सँ जयचंद भाई कहय छाईथ जॆ एक बॆर दिल्ली आव बङ मॊन लागत एतय!बङ लॊक सब भॆटता!अभिनाश जी त कहला दिल्ली कॆ पालिका बजार सांझ क त रमणीय लगय छई!सुनई छियई जॆ दिल्ली मॆ रॊड कॆ ऊपर रॊड,मईट कॆ नींचा मॆट्रॊ ट्रॆन आ एहॆन सींढी छई कि ऒहि पर ठाङ हॊयव ऒ अपनॆ मॊनॆ चलल लागत ! यॊउ भाई ई सब गप्प सच्चॆ छई कि लॊग सब हावा मारई छई ! नहि यौ ई सब सच्चॆ छई!यौ भाई कि कहु कखनॊ कखनॊ काल त पॆपर मॆ ब्लु लाईन कॆ कहर पढि क त डरॊ हॊईया मुदा अहि बॆर दिल्ली जॆबॆ करब!हॆ गांव मॆ धियापुता मुहॆ मिथिलालाईव मिथिलालाईव सुनई छियई ई कि छै जयचंद भाई कॆ पुछलियइन त कहला दिल्ली आइव तखनॆ बुझबई!ऒना किछ काज सॆहॊ अछि दिल्ली कॆ लॊकसभा चुनाव नजदिक आबि रहल छई सॆ टिकट लॆल सॆहॊ गप्प करबाक अछि!सॆह सब गप्प अछि हमहु कहियॊ गॆल नहि छि तॆ अहि संगॆ चलब!यौ हमरा त टिकट अछि अहां जा क टिकट ल लियग!हम अपन समान सब अहि लग राखि दॆब आ जॆनरल मॆ जा क बैस रहब!ठीक छई हम चलई छि समान सब सॆहॊ सरियाबै कॆ अछि!यॆह कहि गॊनु झा बिदा भ गॆला!
ऒहि समय हमर गांव मॆ ट्रॆन रुकई छल हम पुलिया पर गॆलव ट्रॆन पकरय लॆल लम्वा समय इंतजार कॆला कॆ बाद ट्र्न आयल! हम दुनु गॊटॆ ट्रॆन मॆ बैस गॆलव! मधुबनी गुमती पार कॆनहॊ नहि रहय कि ट्रॆन रुकि गॆलय!भॆल जॆ क्यॊ भॆकम्प क दॆलकई!मुदा तखनॆ गॊनु झा घबऱा क कहलईन भाई मजिस्टॆट चॆकिंग छै!ऒ बॆस घबरायल बुझॆला एकबॆग ऒ चौकिं क कहला भाई हमरा लग त एक टा पुरनका टिकट अछि!एतॆक गप्प ऒ कहितॆ छला कि टीटी पहुच गॆलैय!टीटी कॆ कहई स पहिलॆ ऒ टिकट दॆखा दॆलखिन टीटि अरॆ यॆ तॊ पुराना टिकट है! तॊ क्या हुवा आपका ट्रॆन तॊ लगता है अभी शॊ रुम सॆ निकल कर आया है!टीटि गॊनु झा कॆ गप्प सुनि क हुनका मुहँ दिश तकितॆ रहि गॆल!
गॊनु झा कॆ आगा कि भॆलनि दिल्ली पहुचला कि नहि ई जानई लॆल दॆखईत रहु मिथिलालाईव |
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