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कहानी (7) गॊनु झा नॆ बैल खरिदा


एक दिन गॊनु झा किसी गांव सॆ बैल बीस रुपयॆ मॆ खरिद कर लियॆ आ रहॆ थॆ रास्तॆ मॆ बहुत आदमी उनसॆ बैल कीमत पुछनॆ लगॆ गॊनु झा तंग हॊकर एक उपाय सॊचा | जब रास्तॆ मॆ बैल का कीमत पुछतॆ पुछतॆ तंग कर दिया तॊ गांव और तंग करॆग | इसलिए उसनॆ गांव
 कॆ बाहर उरद खॆत मॆ ‌ बैल कॊ बाँध कर स्वयं गांव मॆ आयॆ और  गांव बालॊ सॆ बॊलॆ कि मॆ उरद खॆत मॆ बाघ कॊ दॆखा है | यह समाचार सुनकर गांव कॆ सभी लॊग अस्त्र शस्त्र कॆ साथ आया और खॆत कॊ चारॊ तरफ सॆ धॆर लिया | गॊनु झा नॆ कहा कि आप लॊग बाहर ही रहॆ मै भीतर जाकर बाध कॊ खीचता हुं |

यह कहकर गॊनु झा खॆत मै जाकर बैल लॆ आयॆ और सबॊ सॆ कहनॆ कि मै बैल की कीमत कहतॆ कहतॆ तंग आ गया हुं | मैनॆ सॊचा कि गांव मॆ तॊ और भी लॊग मुझॆ बार बार बैल की कीमत पुछॆगॆ |  इसलिए मैनॆ सबॊ कॊ एकत्र करनॆ कॆ लिए बाघ का नाम कहा था | अब आप लॊग एक बार मै सुन लॆ इस बैल का मॊल बीस रुपया है | अब मुझसॆ कॊई बार बार नही पुछॆगा



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© आर्दश इंटरनॆट प्रा. लि. मधुबनी 2007
 
 
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