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मिथिलालाइव साहित्य
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आहा के हँसब कमाल रहे साथी !
हमरा आहा पर मलाल रहे साथी !! दाग चेहरा पर दे गेलो आहा ! हम त सोच्लो गुलाब रहे साथी !! रैत मs आबई अछि अहि के सपना ! दिन मs अहिके ख्याल रहे साथी !! उइड़ गेल निंद हमर रैत के ! आहा'क एहने सवाल रहे साथी !! करै लए गेल छलो दिलक सौदा ! कियो आयल छलैथ दलाल साथी !! आहा के हँसब कमाल रहे साथी ! हमरा आहा पर मलाल रहे साथी !! मौलिक स्रोत :- मैथिल और मिथिला
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