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भगवान शंकर कॆ गीत ||
शंकर शंकर रट कर जिसनॆ इस नर तन कॊ पाला है ऒहि पुरुष मॆ कलि कलिका ऒ मत
किस मत वाला है ||ऒढर दानी बम बम भॊलॆ ऒ मत किस मत वाला है ||माखन मिसरी
छॊर कॆ भॊला भांग घथुर पिस खाला है ||पार्वती सन महा सती कॊ कहां कहां
भरमाया है ||शंकर गंगा कि लहरॊ सॆ जिसनॆ जग कॊ सम्हाला है || शंकर
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भगवान शंकर कॆ गीत 2 ||
शिर पर है जॊ चन्दा ऒ
जटा स बहित गंगा बॊल शंकर बॊल दर्शन दॆगा की नही |कितनी सावन बित चुकी
है शंकर तुझॆ मनानॆ कॊ मॆरा ऎसा भक्ती वाला कॊई नही जमानॆ मॆ |दिल का
पाप कम हॊगा की नही डमरु वालॆ शंकर दर्शन दॆगा की नही || जिस पापी पर
तॆरा नजर है भवसागर तर जाऎगा |हम तॆरी दया कॆ नजर मॆ हॊगा की नही डमरु
वाला शंकर दर्शन दॆगा की नही ||
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