डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के
जनैया |
जटा स आहाँ कॆ गंगा बहैया कॆ कॆ जनैया |
डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के जनैया ||
गर्दन मॆं अछी रुद्रक माला नयन बिसाला |
पहिरई छी अहाँ मिर्ग छाला बाघक छाला
नागॆ आहाँ कॆ पुस्पकार करैइया कॆ कॆ जनैया |
डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के जनैया ||
वसहा अहाँ कॆ घासॊ नॆ खाइअया भाँग चरैइया |
कार्तिक गणपती दूइ छन बालक भुखलॆ सुतैइया
बाँकी आहाँ कॆ किछु नॆ बचैइया कॆ कॆ जनैया |
डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के जनैया
भष्माशुर कॆ वर द दैलियै की आहाँ कॆलियै
बाँकिक अम्रित बिष पि लॆलियै की आहाँ कॆलियै |
अधरदानी सब कयॊ कहैइया कॆ नॆ जनैया |
डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के जनैया ||
डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के जनैया
जटा स आहाँ कॆ गंगा बहैया कॆ कॆ जनैया |
डमरू आहाँ कॆ डिम डिम बजैइया के के जनैया ||
प्रस्तुती अरविन्द झा
arbind_1986@indiatimes.com
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