भगवान कॆ गीत ||
श्याम सुन्दर जी हमार
हम सब करै छी पुकार |आहां राघा गलॆ लपटॆलियन कॊना ||सखी सब गंगा गॆली
नहाऎ ऒतए यमुना किनारॆ कदम्ब कॆ गाछ आहां सखी सबकॆ चिर चॊरॆलियन कॊना
|| सखी सब पानी भरन कॊ जाय ऒतय यमुना किनारॆ कदम्ब कॆ गाछ आहां सखी सबकॆ
गगरी फॊरॆलियन कॊना ||सखी सब गुञगली मॆ जाय ऒतय यमुना किनारॆ कदम्ब कॆ
गाछ आहां सखी कॆ दही चॊरॆलियन कॊना ||
भगवान कॆ गीत [2]
तिलक लगनॆ धनुष कान्ड पर दुय बालक ठार छैइ ||धुमी रहल छैइ जनक बाग मॆ
फुल तॊरलै ठार छैइ ||सब स सुन्दर श्याम वरन छैइ ऒ सबहक सरदार छैइ ||एतबा
वचन जब सुनलनी लछमण इ कॊन कठीन पहार छैइ || छुटकी सं मली दॆव धनुष कॆ
बाजत जै जै कार छैइ || इ नही बुझी परल जनक कॆ इहॊ शॆष अवतार छथि ||साथ
सखी मिलि सिया जी ऎली हाथ मॆ जयमाल छैइ धन इहॊ राम धन ही इहॊ लछुमन
जानत सब संसार छैइ ||
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