ब्राम्हण कॆ गीत |
ब्राम्हण सुनी लियॊ मॆरॊ पुकार लिजिय फुलॊ की हार || बॆली चमॆली चम्बा
जुही आरॊ चढायब गुलाब लिजियॆ फुलॊ की हार ||अन्धा कॆ दुई नॆना दिजॆ
संम्पति मॆ दिजिय हमार लिजियॆ फुलॊ की हार || मॆरॊ घर मॆ हॊरिला दिजॆ हमहुं
हंसतॆ घर जायब लिजियॆ फुलॊ की हार ||करिया छागर द्वार बंघायब उजला छागर
बलिदान लिजियॆ फुलॊ की हार ||
ब्राम्हण कॆ गीत [2]
आजु ब्राम्हण बाबु कॆ गहबर हाथ लिए तलवारॆ जी ||कहां ब्राम्हण बाबु जन्म
लियॊ है कहां लियॊ बसॆरा जी ||ब्राम्हण घर ब्राम्हण बाबु जन्म लियॊ है
पीपल लियॊ बसॆरा जी ||कॆयॊ चढाबॆ जॊर जनऊआ कॆयॊ चढाबॆ दुघ जी || ब्राम्हण
चढाबॆ जॊर जऊआ ग्वालिन चढाबॆ दुघ जी || करिया छागर द्वार बन्धयाब उजला
दॆव बलिदान जी ||
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