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लक्ष्मी पूजन : सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री
महालक्ष्मी:-
माता महालक्ष्मी की आभा स्वर्ण के समान है।
चार भुजाओं वाली महालक्ष्मी कमल पर विराजमान रहती हैं। दोनों आ॓र हाथी
अपनी सूंड में स्वर्णकलश थामे अमृतजल से उनका अभिषेक कर रहे हैं। मां
महालक्ष्मी रत्न जड़ित स्वर्ण कुंडल, करधनी, मुकुट एवं आभूषण पहने रहती
हैं। |
दीपावली के दिनों की विशेषताओं के बारे में
जानकारी :-
हिन्दुओं के लिए, दिवाली सिर्फ़ दीप-पर्व नहीं है,
बल्कि गणेश-लक्ष्मी, महाबली व महावीर के पूजन-स्मरण का विशेष पर्व भी
है।
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और
भी |
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त्यॊहारॊं का मौसम:-
लक्ष्मी जी की स्वागत कॆ लिय जिर शॊर सॆ सफाई करतॆ हैं | दिवालॊ का रंग रॊशन करतॆ
हैं, घर कॆ आगॆ पिछॆ बनॆ गड्ढॊ कॊ भर दिया जाता है | कार्तिक अमावस्या आतॆ आतॆ गाँव
घर चका चक हॊ जाता है | |
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