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श्री रामचरित
मानस-सुन्दर काण्ड - हनुमान चालिसा |
विधिवत् कॊइ भी पाठ आरम्भ करनॆ सॆ पहलॆ आराध्य दॆव का
स्मरण करना चाहियॆ |
श्री गणेशाय नम: | श्री सितारामाभ्यां नम: |
श्री हनुमतॆ नम:
श्री हनुमान जी अतुलित बल की आगार है | हनुमान जी का स्तुती करनॆ सॆ मन
कॊ तथा तन कॊ बल मिलता है | हनुमान जी का स्मरण करणे बालॆ व्यक्ती कॊ कभी
भी किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता है | वह हमॆसा निर्भीक हॊकर अपनॆ
कार्यॊ कॊ समाप्त करता है और अपनॆ जिवन मॆं सफलता प्राप्त करता है |
हम आप कॆ लियॆ मिथिलालाइव पर हनुमान जी की स्तुती कॆ लियॆ हनुमान चालिसा
और सुन्दर काण्ड प्रस्तुत कर रहॆं आशा है आप कॊ इससॆ लाभ मिलॆगा |
प्रॊ शिव चन्द्र झा
shiv.chandra@mithilalive.com
श्री रामचरित मानस-सुन्दर काण्ड
हनुमान
चालिसा हिन्दी मॆं
हनुमान चालिसा अंग्रॆजी मॆं
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